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ब्रेकिंग न्यूज: *ऋषिकेश में समय से पूर्व ही जल उठे रावण परिवार के पुतले*! पढ़ें~ ताजा अपडेट…

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ऋषिकेश। विजयादशमी के अवसर पर आयोजित दशहरा उत्सव के दौरान उस समय अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आ गया, जब त्रिवेणी घाट के मायाकुंड क्षेत्र में रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले निर्धारित कार्यक्रम से पहले ही अचानक आग की चपेट में आ गए।

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देखते ही देखते तीनों विशालकाय पुतले धू-धूकर जलने लगे। जिस स्थान पर कुछ ही देर बाद आतिशबाजी के बीच विधिवत पुतला दहन का कार्यक्रम होना था, वहां अचानक उठती आग की लपटों ने मौजूद लोगों को हैरान कर दिया।

जानकारी के अनुसार, दशहरा आयोजन को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारियां की जा रही थीं। कड़ी मेहनत और मशक्कत के बाद रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों को तैयार कर सजाया गया था।

विजयदशमी के अवसर पर इन पुतलों के दहन को देखने के लिए त्रिवेणी घाट और मायाकुंड क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए थे। पूरे वातावरण में दशहरा उत्सव का उल्लास था और लोग बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक इस आयोजन के मुख्य क्षण का इंतजार कर रहे थे।

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आयोजन स्थल पर लगातार उद्घोषणा की जा रही थी कि शीघ्र ही आतिशबाजी के बाद क्रमशः कुंभकरण, मेघनाद और रावण के पुतलों का दहन किया जाएगा। दर्शक अपने परिवारों के साथ इस पारंपरिक आयोजन को देखने के लिए उत्सुक थे।

इसी बीच पुतलों की तकनीकी जांच के दौरान अचानक तीनों पुतलों में आग लग गई।आग लगते ही वहां मौजूद लोगों का ध्यान पुतलों की ओर चला गया। कुछ ही पलों में आग ने तीनों पुतलों को अपनी चपेट में ले लिया और वे तेजी से जलने लगे।

निर्धारित समय से पहले हुए इस घटनाक्रम से आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों में आश्चर्य का माहौल बन गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस घटना में किसी बड़ी दुर्घटना की सूचना नहीं मिली।

दशहरा उत्सव के दौरान हुए इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस समय पुतलों की तकनीकी जांच की जा रही थी, उसी दौरान आग लगने से लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर आग लगने की वजह क्या रही।

क्या तकनीकी जांच के दौरान किसी उपकरण, विद्युत व्यवस्था या अन्य कारण से आग लगी, इसकी आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

आमतौर पर दशहरा पर्व पर रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन निर्धारित समय पर आतिशबाजी और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ किया जाता है। लेकिन ऋषिकेश में इस बार तीनों पुतले कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही जल गए।

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इस कारण दशहरा देखने पहुंचे लोगों को वह पारंपरिक दृश्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार देखने को नहीं मिला, जिसका वे काफी देर से इंतजार कर रहे थे।त्रिवेणी घाट और मायाकुंड क्षेत्र में हुई इस घटना की चर्चा लोगों के बीच होती रही।

अचानक पुतलों में आग लगने से जहां लोग आश्चर्यचकित रह गए, वहीं घटना के कारणों को लेकर तरह-तरह के सवाल भी उठने लगे। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो और भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान सुरक्षा तथा तकनीकी जांच की व्यवस्था और अधिक सतर्कता के साथ सुनिश्चित की जाए।

ऋषिकेश में दशहरा उत्सव के दौरान समय से पहले तीनों पुतलों का जल जाना इस वर्ष के आयोजन का अप्रत्याशित घटनाक्रम बन गया। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुतलों में आग लगने की वजह क्या थी और इस संबंध में आयोजकों की ओर से क्या जानकारी सामने आती है। कुल मिलाकर ये विषय चर्चा का कारण बन गया है।

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