Durgami Nayan

Latest Uttarakhand News in Hindi

ADVERTISEMENTS Ad

*ब्रेकिंग न्यूज* *महिलाओं ने इतिहास रच डाला*! * बिंदुखत्ता राजस्व गांव के लिए बरसात में भी निकली सड़कों पर*! सरकार ने भेजा प्रतिनिधि! पढ़ें ~उत्तराखंड की बड़ी खबर…

Ad
खबर शेयर करें 👉

लालकुआं। बिंदुखत्ता की पच्चीस हजार से अधिक महिला पुरुषों की भीड़ आज (रविवार) बरसात के बावजूद छाता लेकर अपने अधिकारों के लिए लालकुआं की सड़कों पर उतरी और सरकार के प्रतिनिधि बतौर पहुंचे सूबे के कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैडा को अपनी व्यथा सुनाई। और कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैडा के आश्वासन पर आंदोलन को पांच अक्टूबर तक रोकने पर सहमति बनी है।

ADVERTISEMENTS

आंदोलनकारी रविवार को पहले जड़ सेक्टर स्कूल में एकत्र हुए और जोरदार जनसभा की गई। इसमें लोगों ने सरकार से मांग की है कि चुनाव आचार संहिता लागू होने से पूर्व राजस्व गांव घोषित किया जाए और गौला नदी किनारे तटबंध बनाने की घोषणा की जाए।

इसके बाद जन सैलाब लालकुआं को कूच कर गया और लालकुआं की सड़कों पर तिल रखने की जगह नहीं बची थी हर तरफ राजस्व गांव घोषित करो की आवाज और हाथ में तिरंगा! आंदोलन की कमान संगठन अध्यक्ष उमेश भट्ट ने बेबाक तरीके से इतिहास के पन्नों में दर्ज कराई है!

इस आंदोलन की सफलता के लिए मातृ शक्ति सड़कों पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी युग की तर्ज पर सड़कों पर उतर गई, दूध पीते बच्चों को छोड़कर, गाय, बछिया को बिन घास, बिन पानी छोड़कर मातृ शक्ति ने लालकुआं की सड़कों पर जो इतिहास रचा है उसे देख दिल्ली में होने के बावजूद सीएम पुष्कर धामी ने धरातल पर खुद अपने प्रतिनिधि बतौर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैडा को भेजा और मंत्री ने जन सैलाब के बीच देर से ही सही लेकिन आज जन संवाद किया ये भी हर नेता के बस की बात नहीं है!

यह भी पढ़ें 👉  ब्रेकिंग न्यूज: *एक अक्टूबर से बदल रहा है गैस सिलेंडर का नियम*! पढ़ें पूरी खबर...

इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, कमलेश चंदोला, संध्या डालाकोटी, दीपेंद्र कोश्यारी , दीपक जोशी, कामरेड भुवन जोशी, बिशन दत्त जोशी, प्रेस क्लब अध्यक्ष जीवन जोशी, कैप्टन प्रताप बिष्ट, रमेश गोस्वामी, हेमवती नंदन दुर्गापाल, बालम बिष्ट, मुनीश कुमार अग्रवाल सहित कई अन्य लोगों ने आकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया।

राम सिंह कैडा ने जनता की खरी खोटी भी सुनी लेकिन कोई प्रतिकार नहीं किया! हुआ ये कि मंत्री दो घंटा पहले लालकुआं आने की सूचना जैसे ही आंदोलनकारियों को मिली तो लोग भड़क गए और तहसील में साढ़े तीन बजे तक न आने पर धरना शुरू करने का अध्यक्ष उमेश भट्ट ने एलान कर दिया!

प्रशासन के माध्यम से पहले यह पहल हुई कि कुछ लोगों को बुलाकर मंत्री से वार्ता हो जाए! लेकिन उमेश भट्ट ने सफल लीडर होने का परिचय देते हुए एलान कर दिया मंत्री को जनता के बीच आना पड़ेगा बंद कमरे में कोई बात नहीं होगी क्योंकि ऐसा आज तक पहले से होता आया है!

उन्होंने कहा जब सब प्रक्रिया पूरी ही तो फिर किस बात की देरी है। इस पर मंत्री राम सिंह कैडा ने कहा रामपुर में जो राजस्व गांव घोषित हुआ है उसके तहत इसे भी बनाया जा सकता है इसके लिए सीएम पुष्कर धामी पहले आज यहां स्वयं आने वाले थे लेकिन बाहर होने के कारण उन्होंने मुझे भेजा है।

उन्होंने कहा वह जल्द इसके लिए बैठक रखेंगे और राजस्व गांव घोषित होगा क्योंकि सीएम पुष्कर धामी खुद इसके लिए प्रयासरत है। ऐतिहासिक रैली में महिलाओं ने जो इतिहास रचा कह सकते हैं कहावत सत्य है झुकती है दुनियां झुकाने वाला चाहिए! सरकार जनता के द्वार आई और जनता की बात सुनी है ये भी एक इतिहास जनता ने जन संघर्षों के दम पर रच डाला है!

आज इस रैली ने सभी राजनीतिक दलों के लोगों से अलग वन अधिकार संगठन के बैनर तले जो इतिहास रचा है वह राजस्व गांव घोषित करने वाला आंदोलन साबित होगा ऐसी उम्मीद की जानी चाहिए कि बिंदुखत्ता को अविलंब राजस्व गांव मिलना चाहिए।

यह भी पढ़ें 👉  ब्रेकिंग न्यूज: *बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने के लिए भारी बारिश के बाद भी निकलने लगे लोग*! पढ़ें~लालकुआं विधानसभा क्षेत्र अपडेट...

संगठन के अध्यक्ष उमेश भट्ट अर्जुन नाथ गोस्वामी कैप्टन इंद्र सिंह पनेरी, महिला नेत्री पूर्व ब्लॉक प्रमुख संध्या डालाकोटी, महिला नेत्री ममता बिष्ट , समिति के अध्यक्ष चालीस दिन से घर त्याग कर तपस्या करने वाले अर्जुन नाथ गोस्वामी, पर्दे के पीछे से तपस्या करने वाले एडवोकेट तरुण जोशी, भुवन भट्ट, बलवंत बिष्ट, कैप्टन खिलाफ सिंह दानू, कविराज धामी , मोहनी मेहता, उर्मिला धामी, संगठन के भरत नेगी भूपेश जोशी बसंत पांडे, राज्य आंदोलनकारी प्रकाश उत्तराखंडी नंदन जग्गी पूरन परिहार के नेतृत्व में पच्चीस हजार से अधिक लोगों ने बरसात के बावजूद छाता लेकर सब प्रक्रिया पूरी है फिर किस बात की देरी है नारे के तहत लालकुआं में विशाल मेला लगा दिया जिसे देखने के लिए लोग जगह तलाश रहे थे लोग मकानों की छत तक चढ़ गए थे।

जनता का सैलाब बरसात के बाद भी जो निकला वह इससे पहले कभी किसी ने नहीं देखा है आजादी के बाद का सबसे बड़ा गांधीवादी आंदोलन लालकुआं में आज लोगों ने देखा। महिला शक्ति ने सरकार को अपनी अदालत में बुला दिया इससे बड़ी जीत आंदोलन की और क्या हो सकती है!

कहा गया हैं *संघे शक्ति कलियुगे* ये जनता ने चरितार्थ किया है जो पीढ़ियाँ याद रखेंगी कि हमारी मां बहिनों ने हमारे लिए कुछ किया था! सरकार ने भी पारदर्शीय तरीका अपनाया और अपना प्रतिनिधि भेजा।

जनता ने कहा है अब वह चुप बैठने या बहकावे में आने वाली नहीं है ये संदेश सरकार के लिए है। मंत्री राम सिंह कैडा ने बताया सरकार इसके लिए गंभीर है। देखना है पांच अक्टूबर से पहले सरकार का क्या पैगाम वन अधिकार संगठन के पास आता है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad

लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -

👉 हमारे व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ेसबुक पेज लाइक/फॉलो करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

👉 न्यूज अपडेट पाने के लिए 8218146590, 9758935377 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें