
हिंदू धर्म में श्राद्ध पक्ष का विशेष महत्व है इस दौरान सभी लोग अपने पितृ के निमित्त तर्पण करते हैं और उनको श्रद्धांजली अर्पित करते हैं।
इस पक्ष में शुभ कार्य वर्जित माना गया है, गो माता को गगराश देने की भी परंपरा है, इस अवसर पर जौ तिल का प्रयोग किया जाता है।
कहा जाता है जौ तिल लगा पिंड पितरों तक पहुंच जाता है और पितृ शांति प्राप्त करते हैं। कहते हैं इस पक्ष में सभी पितृ लाइन से बैठे हुए रहते हैं जिनका कोई पुत्र होता है और तर्पण करता है तो वह पितृ शांति प्राप्त करते हैं।
सोलह श्राद्ध होते हैं जो अपने पितृ की तिथि पर श्राद्ध करना भूल जाते हैं वह पितृ अमावस्या पर तर्पण कर सकते हैं। जिनको पुरोहित नहीं मिल पाते वह सभी प्रकार के व्यंजन विधि पूर्वक गो माता को देकर तर्पण कर सकते हैं।
इस दौरान जो भी श्रद्धा से अपने पितरों का स्मरण करते हैं उनको मनवांछित फल प्राप्त होता है।
















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