

अपनी ही सरकार के सिस्टम को कठघरे में खड़ा करते ही सत्ता के गलियारे में हलचल मच गई। सांसद त्रिवेंद्र रावत ने खनन माफिया और प्रशासन की मिलीभगत का मुद्दा उठा कर धामी सरकार को ही निशाने पर ले लिया।गुरुवार को दिल्ली से उठी आवाज शाम ढलते ढलते प्रदेश के गाड़ गदेरों तक पहुंच गई। पूर्व सीएम रावत के लोकसभा में अवैध खनन से जुड़ा वीडियो भाजपा की प्रदेश सरकार को निशाने पर ले रहा था।नतीजतन,पूर्व सीएम के अपनी ही सरकार पर किये गए आक्रमण की धार को भोथरा करने के लिए खनन सचिव बी के संत ने देर रात वीडियो बयान जारी किया। और भाजपा सांसद को गलत करार दिया।इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा की अंदरूनी जंग से भी जोडकर देखा जारहा है। खनन से जुड़ी यह जंग अंदरूनी गुल तो खिलाएगी ही। साथ ही विपक्ष को भी हमलावर होने का मौका देगी।
उत्तराखंड के खनन सचिव बृजेश कुमार संत ने कहा, “मेरा मानना है कि यह कहना कि राज्य में अवैध खनन बढ़ रहा है, यह पूरी तरह से निराधार, गलत और भ्रामक है. इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि वित्त वर्ष 2023-24 में खनन राजस्व में तेजी से वृद्धि हुई है. उत्तराखंड प्रदेश के गठन के बाद से 2002 से 2025 तक राज्य में खनन से इतना राजस्व कभी उत्पन्न नहीं हुआ…यह पहली बार है कि हमने वित्त (विभाग) द्वारा दिए गए लक्ष्य को पूरा किया है और यहां तक कि 200 करोड़ रुपए से अधिक का अधिशेष राजस्व लेकर आए हैं. इसे खनन विभाग की बड़ी उपलब्धि कहा जा सकता है. इससे साबित होता है कि अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण लगा है. हमने जो कार्यप्रणाली अपनाई है, वह यह है कि हमने नियमों को सरल बनाया और दंडात्मक कार्रवाई बढ़ा दी है। हम नई तकनीकों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं…”
आर०एफ०आई०डी० रिडर आदि की व्यवस्था की जा रही है।
जनपद स्तर पर खनन विभाग, राजस्व विभाग के द्वारा अवैध खनन / परिवहन / भण्डारण की रोकथाम हेतु समय-समय पर औचक निरीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। साथ ही यह भी अवगत कराना है कि राज्य अन्तर्गत अवैध खनन / अवैध परिवहन / अवैध भण्डारण की शिकायत प्राप्त होने पर सम्बन्धित पर नियमानुसार कार्यवाही सम्पादित की जाती है।
खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम-1957 की धारा-23 सी द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके उत्तराखण्ड खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण का निवारण) नियमावली 2021 यथासंशोधित-2024 प्रख्यापित की गयी है। उक्त नियमावली के नियम-14 में अवैध खनन / अवैध परिवहन / अवैध भण्डारण किये / पाये जाने पर नियमानुसार कार्यवाही किये जाने प्रावधान निहित हैं।
बृजेश संत
सचिव, खनन।














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