

हल्द्वानी। स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा-2025 के नकल प्रकरण पर जांच आयोग ने आगामी 3 और 4 अक्टूबर को हल्द्वानी सर्किट हाउस में जनसुनवाई करने का निर्णय लिया है। आयोग की यह घोषणा उस समय आई है जब उत्तराखंड युवा एकता मंच के संयोजक पियूष जोशी लगातार 6 दिनों से बुद्ध पार्क में आमरण अनशन और आंदोलन चला रहे थे तथा बीते दिन उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को 7 सूत्रीय ज्ञापन भेजते हुए 7 दिनों के भीतर कार्रवाई की मांग की थी व राजस्थान के आश्वासन पर कि वह 7 दिनों के भीतर यह मांगे पूरी करवाने की कोशिश करेंगे अपना अनशन बुद्ध पार्क में खत्म कर आंदोलन को 7 दिनों के लिए स्थगित किया था।
बताते चलें कि पियूष जोशी ने प्रदेशभर की कोचिंग संस्थाओं और छात्रों से लगातार संवाद साधते हुए चेतावनी दी थी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो कुमाऊँ में छात्र आंदोलन एक बार फिर परवान पकड़ सकता है। प्रशासन को आशंका थी कि बुधवार से आंदोलन का नया चरण शुरू हो सकता है, इसी को देखते हुए आयोग ने तुरंत जनसुनवाई की तिथि घोषित कर दी।
ज्ञापन में पियूष जोशी ने माँग रखी कि—
- CBI जांच आदेश की प्रति सार्वजनिक की जाए।
- भर्ती परीक्षा को नकल विरोधी कानून की धारा-5 के तहत निरस्त कर नया कैलेंडर जारी किया जाए।
- UKSSSC आयोग को भंग कर प्रक्रिया UKPCS को हस्तांतरित की जाए।
- CBI जांच का दायरा और समयसीमा स्पष्ट की जाए।
- बुद्ध पार्क धरने में पुलिस के दुर्व्यवहार की न्यायिक/मानवाधिकार जांच हो।
- आंदोलनकारियों की सुरक्षा और संवाद व्यवस्था के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए।
पियूष जोशी ने कहा कि—“मुख्यमंत्री द्वारा CBI जांच का आश्वासन सराहनीय है, लेकिन जब तक इन मुद्दों पर लिखित आदेश और स्पष्ट निर्णय नहीं आते, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। यदि 7 दिनों में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र और अभिभावक प्रदेशभर से हल्द्वानी में जुटकर व्यापक आंदोलन करेंगे।”
राज्य आंदोलनकारी ललित जोशी ने कहा कि यह जनसुनवाई युवाओं के लिए न्याय पाने का ऐतिहासिक अवसर है और अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को अपनी बात आयोग तक पहुंचानी चाहिए, परंतु यह केवल जनसुनवाई तक सीमित ना रहे युवाओं ने जो मांगे की है उनका पूरा किया जाए अन्यथा विवाह के तौर पर युवाओं के संघर्ष में में साथ खड़ा रहूंगा। वहीं किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष कार्तिक उपाध्याय ने कहा कि यदि छात्र बड़ी संख्या में अपनी गवाही और साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे तो आयोग और सरकार को सच्चाई स्वीकार करनी ही पड़ेगी वह उन्होंने परीक्षा रद्द करने सहित युवाओं की तमाम मांगों का समर्थन किया और कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह छात्रों के आंदोलन में हर प्रकार से सहयोग करेंगे।
अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने जानकारी दी कि जनसुनवाई 3 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक और 4 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से 11 बजे तक होगी। इसके बाद आयोग देहरादून लौट जाएगा। उन्होंने अभ्यर्थियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया में अधिक से अधिक भागीदारी करें, क्योंकि उनकी राय जांच की पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए बेहद अहम है।
छात्र संगठनों ने भी कहा है कि जनसुनवाई में युवाओं की भारी मौजूदगी ही सरकार को मजबूर करेगी कि वह आंदोलनकारियों की माँगों पर गंभीरता से निर्णय ले।
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