

हल्द्वानी। राष्ट्रीय नेत्रत्व के आहवान पर हल्दानी में उत्तराखण्ड कार्मिक समन्वय समिति के बैनर तले विरोध दिवस का आयोजन किया गया।
जिसमें हल्द्वानी स्थित सैकड़ों पेंशनर की भागीदारी रही। जिसमे डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ पेंशनर परिषद तथा गवर्मेंट पेंशनर्स वेलफेयर संगठन के सदस्यों लिया गया।

विरोध दिवस पर पेंशनर्स ने जबरदस्त प्रदर्शन/नारेबाजी के साथ प्रधानमंत्री भारत सरकार को सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया गया।
ज्ञात हो कि एक वर्ष पूर्व 25 मार्च 2025 को भारत सरकार द्वारा आठवें वेतन आयोग में पेंशनर्स के हितों की अनदेखी करने का कुचक्र करते हुए संसद में एक ऐसा अधिनियम जो केन्द्र सरकार को अपने पेंशनर्स का वर्गीकरण करने एवं उनके बीच अन्तर रखने का अधिकार प्रदान करता है को पारित कर दिया गया है।

इस अधिनियम का विरोध पेंशनर्स संगठनों द्वारा पूर्व में भी लगातार राष्ट्रीय स्तर पर किया गया। लेकिन भारत सरकार द्वारा कोई निर्णय अभी तक नहीं किया गया है। जिससे समस्त पेंशनरों में घोर रोष व्याप्त है।
उक्त अधिनियम के विरोध स्वरूप दिये गये ज्ञापन में अविलंब पेंशन विरोधी अधिनियम को वापस लेने की मांग की गई। यदि अविलम्ब अधिनियम को वापस नहीं लिया गया तो समस्त पैंशनर्स द्वारा आगामी चुनाव में इसका बदला लिया जायेगा।
आज की बैटक में मुख्य रूप से समिति के संरक्षक ई०पी सी जोशी, पेंशनर्स परिषदीय के अध्यक्ष बीर सिंह बिष्ट, सहसंयोजक आर ०सी०पांडे , सचिव विजय तिवारी, यतीश पंत ,एस०सी०पन्त जे० सी पन्तौला और एल डी पांडे अध्यक्ष गवर्नमेंट पेंशनर्स, जे०एस०कन्याल, आर०पी०सिंह ,इन्द्र लाल आर्या, पान सिंह मेहरा, ललित मोहन लोहनी , एम०सी०पांडे, बी०के०पंत, सी०सी०जोशी, आर०एस०बोरा, जे०एस०खोलिया, मदन राम आर्या , गिरीश विश्वकर्मा एवं गुलाब राम आदि ने सम्बोधित किया।
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