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उत्तराखंड पुलिस को मिली नई पहचान: ‘मित्रता सेवा सुरक्षा’ की जगह अब होगा नया ध्येय वाक्य ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’, 6 नवंबर को गृह मंत्री करेंगे अनावरण

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देहरादून:

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​उत्तराखंड पुलिस अब एक नए स्वरूप, नए लोगो और नए ध्येय वाक्य के साथ अपनी एक अलग और विशिष्ट पहचान बनाने जा रही है। राज्य गठन के बाद से लंबे समय तक ‘मित्रता सेवा सुरक्षा’ के ध्येय वाक्य के साथ काम करने वाली उत्तराखंड पुलिस का अब नया ध्येय वाक्य संस्कृत के तीन शब्दों— ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ को बनाया गया है।

​इसके साथ ही, 26 साल बाद पुलिस के लोगो (प्रतीक चिह्न) में भी बड़ा बदलाव किया गया है। नए लोगो में शौर्य और विजय के प्रतीक ‘लॉरेल रीथ’ (तेज पत्ते की माला) के बीच हिमालय और नदी को स्थान दिया गया है।

​छह नवंबर को गृह मंत्री अमित शाह करेंगे अनावरण

​केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आगामी छह नवंबर को देहरादून दौरे के दौरान उत्तराखंड पुलिस के इस नए लोगो, नए ध्येय वाक्य का अनावरण करेंगे। साथ ही, इसी दिन देहरादून में आयोजित होने वाली निशान परेड के दौरान उत्तराखंड पुलिस को ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ भी प्रदान किया जाएगा। इससे पहले उत्तर प्रदेश और दिल्ली पुलिस सहित देश के कई अन्य राज्यों की पुलिस को यह गौरव प्राप्त हो चुका है।

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​समिति ने तैयार किया नया डिजाइन

​उत्तराखंड को राष्ट्रपति पुलिस कलर मिलने की घोषणा के बाद इसके और नए लोगो के डिजाइन की रूपरेखा तैयार करने के लिए आईजी विम्मी सचदेवा के नेतृत्व में एक विशेष समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने राष्ट्रपति पुलिस कलर के अलावा नए लोगो, बेल्ट और आर्म बैज के डिजाइन को अंतिम रूप दिया। पुलिस लाइंस देहरादून के स्टेडियम के बाहर नए लोगो को उकेर भी दिया गया है। आने वाले समय में यह नया लोगो पुलिस की वर्दी, वाहनों, कार्यालयों और सभी आधिकारिक दस्तावेजों पर नजर आएगा।

​’मित्र पुलिस’ की छवि से आगे का कदम

​स्थापना के बाद से ही उत्तराखंड पुलिस ने ‘मित्रता सेवा सुरक्षा’ के मूल मंत्र के साथ काम करते हुए ‘मित्र पुलिस’ के रूप में अपनी एक विशेष और मजबूत पहचान बनाई थी। हालांकि, समय के साथ पुलिस महकमे में अपनी कार्यशैली और पहचान को और अधिक प्रभावी व गौरवशाली बनाने के लिए इसे बदलने पर मंथन चल रहा था।

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​लोगो में क्यों शामिल किया गया ‘लॉरेल रीथ’?

​नए लोगो में इस्तेमाल की गई लॉरेल रीथ (तेजपत्ता की पत्तियां) प्राचीन ग्रीक और रोमन संस्कृति में विजय, सम्मान, गौरव और सत्यनिष्ठा का प्रतीक मानी जाती है। इसे योद्धाओं और विजेताओं को उनके असाधारण कार्यों के लिए सम्मानित करने हेतु उपयोग किया जाता था। पुलिस महकमे में इसे शामिल करने का मुख्य उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस के साहस, गौरवशाली इतिहास और समाज के प्रति उनके समर्पण को प्रदर्शित करना है। देश की कई अन्य प्रतिष्ठित पुलिस और अर्धसैनिक बलों (जैसे सीआरपीएफ, बीएसएफ, यूपी पुलिस आदि) के लोगो में भी लॉरेल रीथ का उपयोग किया जाता है।

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