

कोर्ट में केस लड़कर दो सप्ताह पहले मिली थी चेतन को नौकरी, सड़क हादसे ने छीना जीवन का सहारा
लालकुआं। नियति ने चेतन बिष्ट और उनकी 12 वर्षीय बहन से पहले माता-पिता का साया छीन लिया और अब सड़क हादसे में भाई की मौत ने बहन के सिर से आखिरी सहारा भी छीन लिया। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चेतन बिष्ट के पिता स्व. मोहन सिंह बिष्ट वन विकास निगम में कार्यरत थे। कुछ वर्ष पहले बीमारी के चलते उनका निधन हो गया था। इसके बाद मृतक आश्रित के तौर पर चेतन की मां को नौकरी मिली, लेकिन करीब एक वर्ष के भीतर ही सड़क हादसे में उनकी भी मौत हो गई। माता-पिता को खोने के बाद चेतन और उनकी 12 वर्षीय बहन भीमताल के चाफी में अपने मामा के घर रह रहे थे।
मृतक आश्रित के तौर पर नौकरी पाने के लिए चेतन ने हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ी। मुकदमा जीतने के बाद करीब दो सप्ताह पहले ही उन्हें हल्द्वानी स्थित वन विकास निगम के कार्यालय में नौकरी मिली थी। परिवार को उम्मीद थी कि अब उनकी जिंदगी पटरी पर लौटेगी, लेकिन सड़क हादसे ने सारी उम्मीदें तोड़ दीं।
गौलापार के सामाजिक कार्यकर्ता बालम बिष्ट के अनुसार, भाई-बहन पहले ही माता-पिता को खो चुके थे। अब चेतन की मौत से 12 वर्षीय बहन के सिर से भाई का साया भी उठ गया है।
तीन दिन में पांच लोगों की मौत से दहला लालकुआं क्षेत्र
बरेली रोड हाईवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसे लोगों को झकझोर रहे हैं। समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, तीन दिन के भीतर दो भीषण सड़क हादसों में पांच लोगों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार शाम तीनपानी फ्लाईओवर के पास तेज रफ्तार कार दुर्घटना में तीन किशोरों की जान चली गई थी। इसके बाद लालकुआं क्षेत्र में कैंटर और स्कूटी की भिड़ंत में दो युवकों की मौत का मामला सामने आया।
लगातार हो रहे हादसों ने सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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