Durgami Nayan

Latest Uttarakhand News in Hindi

ADVERTISEMENTS Ad

उत्तराखंड में पोल्ट्री बिजनेस का बड़ा मौका: कुक्कुट विकास नीति-2025 के तहत मिलेगी ₹63 लाख तक की बंपर सब्सिडी

Ad
खबर शेयर करें 👉

रुद्रपुर / देहरादून: उत्तराखंड सरकार राज्य में पोल्ट्री उद्योग (मुर्गी पालन) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ‘कुक्कुट विकास नीति-2025’ के तहत एक विशेष प्रोत्साहन योजना लेकर आई है। इस योजना के जरिए उत्तराखंड में कमर्शियल पोल्ट्री फार्म स्थापित करने वाले उद्यमियों को अधिकतम ₹63 लाख तक की अनुदान सहायता (सब्सिडी) दी जा रही है।

ADVERTISEMENTS Ad

सब्सिडी का गणित: मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों के नियम

राज्य सरकार ने भौगोलिक स्थिति के अनुसार सब्सिडी और यूनिट का आकार निर्धारित किया है:

  • मैदानी क्षेत्र: परियोजना लागत का 30% अनुदान।
  • पर्वतीय क्षेत्र: परियोजना लागत का 40% अनुदान।
यह भी पढ़ें 👉  ब्रेकिंग न्यूज: "किच्छा में 35 लाख की अफीम सहित दो तस्कर गिरफ्तार*! पढ़ें कहां से लाकर करते थे कारोबार...

इकाइयों का विवरण एवं सब्सिडी ब्रेकअप:

फार्म का प्रकारक्षेत्रक्षमता (पक्षियों की संख्या)परियोजना लागतअधिकतम सब्सिडी
ब्रायलर पैरेंट फार्ममैदानी क्षेत्र10,000₹2.10 करोड़₹63 लाख
ब्रायलर पैरेंट फार्मपर्वतीय क्षेत्र5,000₹1.40 करोड़₹56 लाख
व्यावसायिक लेयर फार्ममैदानी क्षेत्र30,000₹1.80 करोड़₹54 लाख
व्यावसायिक लेयर फार्मपर्वतीय क्षेत्र15,000₹1.20 करोड़ (अनुमानित)₹48 लाख

कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता व शर्तें)

  1. जमीन की शर्त: आवेदक के पास उत्तराखंड में खुद की जमीन होनी चाहिए या न्यूनतम 10 साल का पंजीकृत लीज/पट्टा समझौता आवश्यक है। जमीन पूरी तरह से विवादरहित होनी चाहिए।
  2. बैंक अनापत्ति: आवेदन के साथ बैंक का सहमति पत्र (Consent Letter) जमा करना अनिवार्य है।
  3. अधिवास की बाध्यता नहीं: इस नीति में राज्य का निवासी होना अनिवार्य नहीं है। भारतीय नागरिक, एनआरआई (NRI), स्टार्टअप्स, पार्टनरशिप फर्म और प्राइवेट कंपनियां भी आवेदन कर सकती हैं।
यह भी पढ़ें 👉  ब्रेकिंग न्यूज: *वन अधिकार संगठन का धरना बीसवें दिन भी जारी*! पढ़ें~ लालकुआं विधानसभा क्षेत्र अपडेट...

‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर मिलेगी मंजूरी

मुख्य पशुपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष जोशी ने बताया कि वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक राज्य में कुल 54 पोल्ट्री इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है (26 मैदानी क्षेत्र और 28 पर्वतीय क्षेत्र में)।

  • स्वीकृति प्रक्रिया: आवेदन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ (First Come, First Served) के आधार पर मंजूर किए जाएंगे।
  • छोटे उद्यमियों के लिए MSME विकल्प: निर्धारित क्षमता से छोटी इकाइयों के लिए एमएसएमई नीति (MSME Policy) के तहत लाभ दिया जाएगा।
  • नवाचार प्रोत्साहन: आधुनिक तकनीक व उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर अपनाने वाले उद्यमियों को ₹1 लाख तक का अतिरिक्त इनोवेशन इंसेंटिव भी मिलेगा।

💡 आवेदन कैसे करें?

इच्छुक उद्यमी पशुपालन विभाग उत्तराखंड (AHD Uttarakhand) या ‘अपनी सरकार पोर्टल’ (Apuni Sarkar Portal) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।

ADVERTISEMENTS Ad Ad

लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -

👉 हमारे व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ेसबुक पेज लाइक/फॉलो करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

👉 न्यूज अपडेट पाने के लिए 8218146590, 9758935377 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें