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उत्तराखंड राज्य के वाहन चालक बदले तो रुक जाएगा ये सिल सिला ! पढ़ें सम्पादक की अपनी बात…चालक फिट तो वाहन फिट…चालक की फिटनेस किसने जांची…

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नैनीताल/हल्द्वानी/सल्ट। राज्य में मार्ग दुर्घटना बढ़ना चिंता का विषय है सरकार के मुखिया पुष्कर धामी ने अपने आदेश में इसे रोकने के लिए कारगर प्रयास करने के निर्देश दिए हैं और गंभीर चिंता भी व्यक्त की है ।

दूसरी तरफ वहीं राज्य के डीजीपी उत्तराखंड ने भी निर्देश दिए हैं लेकिन मार्ग दुर्घटना रोकें कैसे ? क्या करे पुलिस और क्या करे आर टी ओ?बताया जाता है सूत्र कहते हैं कि दिन भर नींद न आए इसके लिए कुछ नहीं 60 से 70 प्रतिशत तक टैक्सी वाहन चालक नशा करते हैं इसमें तीन पहिया वाहनों के चालक भी पीछे नहीं हैं! इसे रोकना जरूरी है और मूल वजह में से एक वजह ये भी है!

अलग अलग प्रकार का नशा करने के बाद वाहन चलाने वाले चालक से कितनी उम्मीद की जानी चाहिए? चैकिंग बैरियर, आर टी ओ, ट्रैफिक पुलिस ? वाहन चालक पर ही सब कुछ निर्भर करता है! वाहन फिट चालक फिट तब कहीं इस पर लगाम संभव है!

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चालक और पुलिस के बीच संवाद इस दिशा में निर्णायक भूमिका निभा सकता है, प्रयास से ही सफलता मिलती है तब प्रयास करने में बुराई क्या है!

जिस दिन उत्तराखंड के अंदर नशा करने वाला चालक चलना बंद हो गया समझो दुर्घटना शून्य पर आ जाएगी! भगवान की होनी को टाला नहीं जा सकता लेकिन सावधानी से कई दुर्घटना टल जाती हैं!

पहाड़ में जितने भी बेरियर हैं उनसे होकर जाने वाले चालक की मन स्थिति चिकित्सक जांच जैसी होनी चाहिए जिससे पता चल सके चालक किस स्थिति में हैं!

वाहन चालक को समझा लिया गया और उसे नियम का पाठ समझ आ गया तो परिणाम बदल सकते हैं! हर माह हर कोतवाली में चालकों की बैठक हो उनकी समस्या सुनी जाए तो परिणाम बदलेंगे! सरकार की चिंता को सामूहिक चिंता समझा जाए तो बदलाव और जल्द आयेगा!

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पहाड़ जाने वाले चालक की वाहन की तरह फिटनेस ओके है या नहीं ये कैसे पता चलेगा ? चालक की फिटनेस रिपोर्ट के लिए परिवहन विभाग नियम लाए! पहाड़ में चालक की सूझ बूझ ही सब कुछ है! चालक सही है तो दुर्घटना को टाला जा सकता है। चालक समुदाय को अपने आप को बदलना होगा क्योंकि एक चालक के पीछे कई जिंदगी होती हैं!

नशा जो आज अच्छा लगता है उसके परिणाम तब समझ आते हैं जब कुछ नहीं रह जाता! इसलिए कुछ रखना है ओर कुछ दिन रहना है तो नशे की बाय बाय कह दो उत्तराखंड के टैक्सी वाहन चालक साथियो! परिणाम चाहे जो भी हों कोशिश बदलाव की जारी रहनी चाहिए।

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