

गैरसैंण (भराड़ीसैंण):
उत्तराखण्ड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए गैरसैंण के भराड़ीसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र के दौरान ₹7,844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया है। इस नए प्रावधान के जुड़ने के बाद राज्य के मूल बजट का आकार बढ़कर अब ₹1,19,547.39 करोड़ हो गया है। अनुपूरक बजट में लगभग आधे से अधिक यानी ₹4,164.32 करोड़ पूंजीगत मद में और ₹3,679.86 करोड़ राजस्व मद में प्रस्तावित किए गए हैं। सरकार का यह बजट किसानों के कल्याण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और सांस्कृतिक आयोजनों को समर्पित है।
🌾 किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला बड़ा संबल
- अन्नपूर्ति योजना: किसानों से धान और गेहूं की खरीद के लिए ₹1,100 करोड़ का प्रावधान।
- कृषि एवं बागवानी: जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना (जायका) के लिए ₹70 करोड़, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के लिए ₹35 करोड़।
- सहकारिता व वैकल्पिक आजीविका: दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना हेतु ₹20 करोड़, ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए ₹28 करोड़, और नई मौन पालन नीति के लिए ₹1 करोड़।
🏛️ स्थानीय निकायों और बुनियादी ढांचे का विकास
- स्थानीय निकायों की हिस्सेदारी: छठे राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों को स्वीकार करते हुए स्थानीय निकायों के लिए राज्य के कर राजस्व का हिस्सा 10.5% से बढ़ाकर 12.5% कर दिया गया है, जिसके लिए ₹721 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
- पूंजीगत निवेश: विशेष सहायता योजना (SASCI) के अंतर्गत ₹500 करोड़ का पूंजीगत प्रावधान।
- ऊर्जा एवं पेयजल: जल जीवन मिशन के लिए ₹300 करोड़ तथा खुरपिया फार्म परियोजना सहित पारेषण और वितरण व्यवस्थाओं के लिए लगभग ₹270 करोड़।
- शहरी विकास व सुरक्षा: एशियाई विकास बैंक पोषित योजनाओं के लिए ₹100 करोड़ और पुलिस विभाग के भवनों के निर्माण हेतु ₹55 करोड़ प्रस्तावित।
🛕 धार्मिक, सांस्कृतिक आयोजन और पेयजल परियोजनाएं
- दिव्य कुंभ: आगामी दिव्य कुंभ की व्यवस्थाओं और अवस्थापना सुविधाओं के लिए समग्र रूप से लगभग ₹290 करोड़ का प्रावधान।
- पेयजल परियोजनाएं: गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए ₹122 करोड़ तथा केएफडब्ल्यू पेयजल परियोजना के लिए लगभग ₹110 करोड़।
- सांस्कृतिक विरासत: हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए ₹30 करोड़ और ऐतिहासिक नंदा राजजात यात्रा के संचालन के लिए ₹20 करोड़।
- आपदा प्रबंधन: ज्योर्तिमठ और अन्य भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक कार्यों के लिए लगभग ₹48 करोड़ रखे गए हैं।
📚 स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और सामाजिक सुरक्षा
- स्वास्थ्य सेवाएं: अटल आयुष्मान योजना के लिए ₹100 करोड़ और राज्य कर्मचारियों की गोल्डन कार्ड योजना के लिए ₹125 करोड़ (कुल ₹225 करोड़)। चिकित्सा शिक्षा एवं नर्सिंग कॉलेजों के लिए ₹160 करोड़।
- डिजिटल शिक्षा एवं कोचिंग: विद्यालयी और उच्च शिक्षा में डिजिटल लर्निंग के लिए ₹200 करोड़; साथ ही NEET, JEE और CLAT की कोचिंग के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ हेतु ₹5 करोड़।
- खेलकूद प्रोत्साहन: खेल विश्वविद्यालय के लिए ₹35 करोड़, चंपावत में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए ₹10 करोड़, और खिलाड़ियों के विशेष प्रशिक्षण शिविरों के लिए ₹8 करोड़।
- सामाजिक सुरक्षा: सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 अभियान के लिए ₹60 करोड़, भोजन माताओं के मानदेय हेतु ₹20 करोड़, और निराश्रित विधवा पेंशन के लिए लगभग ₹27 करोड़।
📈 अर्थव्यवस्था और भविष्य का विजन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जानकारी दी कि राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) वर्ष 2022 के लगभग ₹2.55 लाख करोड़ से बढ़कर वर्ष 2026-27 में ₹3.82 लाख करोड़ होने का अनुमान है। इस दौरान प्रति व्यक्ति आय भी बढ़कर ₹2.74 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य वर्ष 2047 तक उत्तराखण्ड को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है।
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