
नई दिल्ली। आजादी के बाद विकास हुआ, सुंदर सड़कें बनीं और न जाने कितने सपने साकार हुए लेकिन सबसे खतरनाक हुआ इंसान का पैदल यात्रा करना! पूरे देश में आज पैदल यात्रा करना खतरे से खाली नहीं है। बास इंडिया रिपोर्ट के अनुसार 99 प्रतिशत पैदल यात्री की जान खतरे में है।
रिपोर्ट के अनुसार सड़कों से फुटपाथ गायब हो गए हैं जिससे पैदल यात्रा करना संकट भरा काम हो गया है। अधिकांश सड़कों से फुटपाथ गायब हो गए हैं और पैदल यात्रा करना जोखिम भरा कदम साबित हो रहा है। एनएच से लेकर गांव के आंतरिक मार्ग तक से फुटपाथ गायब हो गए हैं।
एक सर्वे के अनुसार 2021 में 29.200 लोगों की फुटपाथ न होने के कारण मौत हो गई और 60 हजार लोग घायल हो गए। रिपोर्ट के अनुसार पैदल यात्रा करना अब खतरे का काम हो गया है इसलिए देश की सभी सड़कों पर पैदल यात्रा के लिए फुटपाथ जरूरी है।
बताते चलें पहले अधिकांश सड़कों के किनारे पैदल यात्रा के लिए फुटपाथ होते थे लोग उसी में चला करते थे। रिपोर्ट के अनुसार आज अधिकांश सड़कों पर पैदल चलने के लिए फुटपाथ गायब हो गए हैं जिससे पैदल चलना मौत को दावत देना जैसा हो गया है।
जबकि पैदल यात्रा करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है लेकिन फुटपाथ ही जब नहीं रहे तो पैदल यात्रा कैसे करें! आज फुटपाथ पर अतिक्रमण हो गया है, कहीं पेड़ों को लगाया गया है तो कहीं पार्किंग बना दी गई है।
सड़क किनारे फुटपाथ पर किसी न किसी तरह कब्जा हो गया है! दुकान के आगे नालियां तक लोगों ने कब्जा कर ली हैं जिससे फुटपाथ गायब हो गए हैं जो बेहद चिंता का विषय है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आज 99% पैदल यात्रा असुरक्षित हो गई है।















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