
लालकुआं/तीनपानी। राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलना मौत को दावत देना जैसा हो गया है। लालकुआं से हल्द्वानी जाना जान पर खेलना जैसा हो गया है। दो पहिया वाहन, कार, टेंपो से जाना खतरे से खाली नहीं है। कई लोग इस जानलेवा मार्ग में अपनी जान गंवा चुके हैं। टूटी सड़क से बचने के लिए वाहन गांव के आंतरिक मार्गों में बेखौफ होकर दौड़ रहे हैं जिससे विगत दिनों एक महिला और एक लड़के की दुखद मौत हो गई है। जनता में इस बात को लेकर नाराजगी है कि छह साल से अब तक सोलह किलोमीटर रोड नहीं बन सकी। पूरे मार्ग में जानलेवा गड्ढे हो गए हैं लेकिन कोई सुध लेवा नहीं दिखता।





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