Durgami Nayan

Latest Uttarakhand News in Hindi

ब्रेकिंग न्यूज: बरेली रोड में भाजपा समर्थक असमंजस में! गौलापार में कांटे की टक्टर! पढ़ें जिला पंचायत सदस्य अपडेट…

Ad
खबर शेयर करें -

मोतीनगर /गौलापार। जिला पंचायत की दो सीट आजकल खासा चर्चा में हैं! बरेली रोड में भाजपा समर्थक दुविधा में फंसते नजर आ रहे हैं एक ओर पार्टी की भारी भरकम नेता बबीता चंदोला मैदान में उतर गई हैं तो दूसरी ओर समाजसेवी कमलेश चंदोला की पत्नी मैदान में है और पार्टी विधायक और कार्यकर्ता उनके साथ नजर आ रहे हैं लेकिन बबीता चंदोला भी पार्टी में पुरानी कार्यकर्ता हैं इसलिए उनको भी हल्के में नहीं लिया जा सकता है!

इधर कांग्रेस ने शंकर जोशी की धर्मपत्नी को मैदान में उतारा है और कांग्रेस इस सीट को जीतने के लिए भरसक प्रयास करने में जुट गई है! कांग्रेस भाजपा के दो लोगों के मैदान में होने का लाभ उठा सकती है! बरेली रोड में स्थिति यह हो रही है कि जिसकी भी टक्कर होगी शंकर जोशी की धर्मपत्नी से होगी!

कांग्रेस नेता एकजुट होकर इस सीट को जीतने का प्रयत्न कर रहे हैं! कुछ लोग विधायक को कमजोर साबित करनेबका प्रयत्न भीतर खाने कर सकते हैं! जिनको विधायक खुश नहीं कर पा रहे हैं वह लोग भी भीतरघात कर सकते हैं!

यह भी पढ़ें 👉  Breeking news*सांसद अजय भट्ट ने बजट को बताया दूरदर्शी और कर्तव्य निष्ट बजट*! पढ़ें किसका जताया आभार...

गौलापार में भाजपा और कांग्रेस में सीधी टक्कर है कांग्रेस समर्थक अर्जुन बिष्ट की पत्नी और भाजपा नेता मुकेश बेलवाल की पत्नी में सीधी टक्कर नजर आ रही है! यहां दोनों प्रत्याशियों ने डोर टू डोर जन संपर्क अभियान तेज कर दिया है!

इस बार चुनाव रोचक होते जा रहे हैं! भाजपा के नेता जो चुनाव लड़वाते थे वह सब चुनाव लड़ रहे हैं जिससे मुकेश बेलवाल को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है! पार्टी विधायक ने भी यहां मुकेश बेलवाल को आशीर्वाद देने की जनता से अपील की है!

अभी चुनाव चिन्ह आवंटित नहीं होने से प्रचार वह गति नहीं पकड़ पा रहा है जो गति चुनाव चिन्ह आवंटित होने पर होती है! त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव की धूम मच गई है चुनाव चिन्ह ही इस बार मतदाता को दिखेगा जिससे कई लोगों की बिन मेहनत भी लाटरी लग सकती है!

यह भी पढ़ें 👉  Breeking news*सांसद अजय भट्ट ने बजट को बताया दूरदर्शी और कर्तव्य निष्ट बजट*! पढ़ें किसका जताया आभार...

लोग कहने लगे हैं इस बार उलट पुलट भी हो सकती है प्रत्याशी का नाम इस बार चिन्ह के साथ नहीं होगा ऐसा बताया जा रहा है सिर्फ चुनाव चिन्ह होगा! अब जिसे चिन्ह याद रहेगा वही वोटर पक्का! याद नहीं रहा तो किसको दिया ये बाद में पूछने से क्या होगा! इस चुनाव को पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने बेहतरीन कोशिश की है।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -

👉 हमारे व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ेसबुक पेज लाइक/फॉलो करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

👉 न्यूज अपडेट पाने के लिए 8218146590, 9758935377 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें