

भीमताल। इस विधानसभा के विधायक वर्तमान कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैडा की विधानसभा में पत्थर तोड़े जाने की घटना निंदा का विषय है लेकिन इसे लेकर कई तरह के विचार जन चर्चा का विषय बन रहे हैं! क्या कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैडा के प्रति लोगों में नाराजगी है ? आने वाले समय में धरातल पर विकास न होने की स्थिति में रामसिंह कैडा फिर जीत हासिल कर पाएंगे ?
पत्थर तोड़ना किसी भी तरह उचित नहीं है इसकी जांच हो और दोषी पर कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन जन आक्रोश इसे मानो समझ लिया जाए और ग्रामीण सर्वे हो तो धरातल पर विकास के सवाल भी मुँह बनाए हुए नजर आ रहे हैं!
भीमताल में कांग्रेस का बढ़ता हुआ प्रभाव भी एक कारण नजर आ रहा है इसलिए भीमताल सीट फंसती नजर आ रही है! कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैडा को चाहिए कि वह अपने विधानसभा क्षेत्र में ध्यान दें जिससे पत्थर तोड़े जाने वाले विचारों का जन्म ही न हो!
लोगों की सुनें:: भीमताल विधानसभा क्षेत्र में विकास के लिए कई मार्ग आज तक इंतजार कर रहे हैं! विनायक/ हैडियागांव मार्ग का कटान हुए दसकों बीत गए आज तक हैडियागांव जाने वाले लोग खतरों का जीवन यापन कर रहे हैं लेकिन सड़क का निर्माण आश्वासन तक सीमित है!
जनता से किए गए वायदे पूरे न सही आधे तो पूरे होने चाहिए! भाजपा को भीमताल सीट सहित सभी सीटों पर सर्वे करनी ही होगी! मिशन 2027 संघर्षपूर्ण होगा ऐसा प्रतीत होने लगा है! जन भावना का क्या पता कब किस हवा में शामिल हो जाए ?
चुनाव में हर मतदाता अपने को सीएम पीएम से कम नहीं समझता यह भारतीय लोकतंत्र की महानता है! चुनाव में अपने मुद्दे उठाने वाला नेता से स्टाम्प में लिखकर दो! जल का लोटा कसवाने वाला! गीता और रामायण में हाथ रखवाने वाला भारतीय लोकतंत्र पूरी दुनियां के लिए नजीर है!
इसलिए हर जनप्रतिनिधि को चाहिए कि वह जनता के बीच रहे और उनकी समस्या का समाधान करे! चौपाल लगाकर समस्या हल की जा सकती हैं सिर्फ इच्छाशक्ति की जरूरत होती है! धरातल में रेंगे वह चींटी होती है जब पहाड़ चढ़ना हो तो गिरने से डरती नहीं! गिरकर संभलकर फिर से चट्टान पार कर देती है!
लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -
👉 हमारे व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
👉 न्यूज अपडेट पाने के लिए 8218146590, 9758935377 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें




Subscribe to my channel
More Stories
हरिद्वार में रामलीला के दौरान बवाल: उपद्रवियों ने बोला धावा, मंच पर की भारी पत्थरबाजी; कई दर्शक और कलाकार घायल!
उत्तरकाशी और यमुनोत्री घाटी में कांपी धरती! 4.2 तीव्रता के तेज झटकों से सहमे लोग, घरों से बाहर भागे
बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की मांग तेज़: अनिश्चितकालीन धरने के छठे दिन गरमाया माहौल, श्रमिक कैंपों में धांधली और बाहरी नेताओं के दखल पर भड़के ग्रामीण