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ब्रेकिंग न्यूज: *राजस्व गांव घोषित करो की मांग को लेकर आंदोलन*! पढ़ें लालकुआं विधानसभा क्षेत्र की बड़ी अपडेट…

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बिंदुखत्ता। राजस्व गांव घोषित करने के नाम पर सियासत गरमा गई है और बिंदुखत्ता की जनता राजस्व गांव घोषित करने की मांग को लेकर 18 फरवरी को लालकुआं की सड़कें पटने की तरफ बढ़ रही है! जो सत्ता के गलियारों खासकर भाजपा के लिए समस्या खड़ी हो गई है!

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संयुक्त संघर्ष समिति ने पंद्रह लोगों की टीम पूरे क्षेत्र में छोड़ दी है जो यातायात से लेकर जनता को लाने ले जाने का प्रबंध करेगी। समिति के सदस्य प्रमोद कलौनी ने बताया बिंदुखत्ता की जनता अब अपनी मौलिक अधिकारों की लड़ाई को तेज करेगी और भाजपा से वादा निभाने की मांग करेगी।

पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने कहा है जिन लोगों ने जनता को भड़का कर नगर पालिका वापस करवाई उनसे जनता सवाल पूछे कहां गया राजस्व गांव? उन्होंने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार से अनुरोध है कि वह जनता से चुनाव में किए राजस्व गांव के वादे को पूरा करे।

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दूसरी ओर विधायक डॉक्टर मोहन बिष्ट ने कहा है कि सरकार अपना काम कर रही है जनता को जो लोग आज सड़कों पर उतार रहे हैं उनसे पूछा जाना चाहिए कि जब वह सरकार में थे तब क्यों नहीं राजस्व गांव घोषित किया!

दूसरी तरफ भाजपा नेता दीपेन्द्र कोश्यारी ने कहा है सीएम पुष्कर धामी सरकार बिंदुखत्ता सहित कई मामलों को लेकर गंभीर है इसलिए जनता को सरकार के साथ खड़ा रहना चाहिए क्योंकि सीएम पुष्कर धामी का बिंदुखत्ता से आत्मीय रिश्ता है।

भाकपा माले नेता और कांग्रेस नेताओं ने अठारह फरवरी लालकुआं चलो नारे को धरातल पर उतारने में कोई कसर नहीं छोड़ी है लेकिन 18 फरवरी को गोला नदी खुलेगी या बंद रहेगी ये भीड़ को कम ज्यादा करने में महती भूमिका निभा सकता है!

इसके साथ ही वन देवी मंदिर खुरियाख़त्ता में श्रीमद् देवी भागवत कथा प्रारंभ हो रही है और उसी दिन कलश यात्रा निकलेगी! हिंदू सम्मेलन भी होने जा रहा है इसके बावजूद विशाल धरना प्रदर्शन होगा ऐसा लग रहा है!

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जनता राजस्व गांव घोषित करने की मांग लंबे समय से करती आ रही है और अब चुनावी वर्ष निकट देख सभी दल अपनी राजनीतिक रोटियां भी इसी मुद्दे पर आज तक सेखते आ रहे हैं! यह आंदोलन भी इसी कड़ी का हिस्सा न बने! इसे नई उम्मीद की किरण कहें ये अपेक्षा की जानी चाहिए।

अतीत के पन्ने पलटे तो पंडित नारायण दत्त तिवारी ने अपने शासन काल में एक बार इसे वन गांव घोषित करने का अभियान चलाया था जिसका विरोध हुआ तो भूमिहीन संगठन किनारे हो गया था।

समिति के स्पीकर प्रमोद कलौनी ने कहा राजस्व गांव घोषित करने की मांग अब तेज होने लगी है छोटे बड़े सब राजस्व गांव घोषित करो की मांग कर रहे हैं ! उन्होंने कहा आंदोलन ऐतिहासिक होगा जनता जब मन बना लेती है तो कोई रुकावट मायने नहीं रखती। उन्होंने कहा हर घर से 18 फरवरी को लोग निकलकर अपनी मांग को सीएम पुष्कर धामी सरकार तक पहुंचाएंगे।

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