Durgami Nayan

Latest Uttarakhand News in Hindi

ADVERTISEMENTS Ad Ad

ब्रेकिंग न्यूज: *लड़ के लेंगे भिड़ के लेंगे, छीन के लेंगे उत्तराखंड! कहने वाले राजस्व गांव के लिए मोहताज*! पढ़ें: प्रधान संपादक*जीवन जोशी* की अपनी बात…

Ad
खबर शेयर करें 👉

56 लालकुआं विधानसभा क्षेत्र। उत्तराखंड का शायद ही कोई ऐसा गांव होगा जिसका आपदा प्रभावित परिवार बिंदुखत्ता में न रहता हो! आजादी से पूर्व 1932 से बसासत का सिलसिला चलता रहा जो 1979 तक जारी रहा! इसके बाद हर चुनाव में बिंदुखत्ता राजस्व गांव घोषित किए जाने के लिए ठगा गया है!

ADVERTISEMENTS Ad

इसके बाद उत्तरप्रदेश सरकार ने मुलायम यादव सरकार ने इस पूरे भू भाग का सर्वे करवाया था और तत्कालीन जिलाधिकारी आराधना जौहरी के कार्यकाल में उप जिला अधिकारी शकुंतला गौतम सहित 42 राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तीन माह तक पूरे बिंदुखत्ता की सर्वे कराकर उत्तर प्रदेश सरकार को सर्वे रिपोर्ट प्रेषित कर भी चुके हैं।

इसके बाद राज्य आंदोलन भड़का और लोग आंदोलन में जुट गए सोचा राज्य बन गया तो फिर अपनी सरकार बनेगी वह बनाएगी! अब राज्य बनने के बाद सिल्वर जुबली कार्यक्रम आयोजित हो गया लेकिन बिंदुखत्ता की समस्या जस की तस है!

यह भी पढ़ें 👉  कुंभ मेला-2027 के लिए अवस्थापना तंत्र के तेजी से विकास पर जोर : राज्य सरकार ने दी महत्वपूर्ण स्वीकृतियां

बिंदुखत्ता के लोगों की मांग है कि अन्य राजस्व गांव की भांति बिंदुखत्ता में। ही पंचायती राज लागू हो जिससे गांव के विकास के लिए ग्राम प्रधान बीडीसी सदस्य, जिला पंचायत सदस्य चुनने का अधिकार जनता की मौलिक अधिकारों वाली मांग पूरी हो सके!

बिंदुख़त्ता के लोगों ने आज कड़कड़ाती ठंड के बावजूद विशाल धरना प्रदर्शन कर यह चेताया है कि समय रहते उनकी मांगों पर विचार नहीं हुआ तो वह सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन को मजबूर होगी! जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी!

पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आज ग्यारह बजे से धरना प्रदर्शन पर जुटने शुरु हुए और एक बजे तक भारी संख्या में लोग धरने में पहुंचे थे जो जनता की ताकत का एहसास कराने के लिए काफी था!

सभी वक्ताओं ने कहा वह मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि जन भावना का सम्मान करते हुए अविलंब बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित किया जाए! इस अवसर पर उप जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर धामी सरकार को ज्ञापन सौंपा गया!

इस दौरान समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी ने कहा कि सरकार से हम मांग करते हैं कि मौलिक अधिकारों की बहाली के लिए तत्काल बिंदुखत्ता राजस्व गांव की अधिसूचना जारी की जाए!

यह भी पढ़ें 👉  डॉo अनिल वर्मा 155 बार रक्तदान हेतु "एनएसएस महा रक्तदानी अवार्ड से सम्मानित ."

इस दौरान पूर्व ब्लॉक श्रीमती प्रमुख संध्या डालाकोटी समाजसेवी श्याम सिंह रावत, धर्म सिंह, उमेश भट्ट, कविराज धामी, प्रमोद कलौनी, चेयरमैन सुरेंद्र सिंह लोटनी, हरेंद्र बोरा, हेमवती नंदन दुर्गापाल, भाजपा नेता कुंदन चुफाल, भरत नेगी, प्रकाश उत्तराखंडी, कुंदन मेहता, किशन बघरी, नंदन जग्गी, दलवीर सिंह, चंचल सिंह कोरंगा, गोविन्द बल्लभ भट्ट, करम सिंह कोरंगा, रमेश गोस्वामी, बसंत पाण्डेय, भगवत दानू, भुवन चंद्र जोशी, शंकर जोशी, कुंदन राम आर्या, मोहनी कोरंगा, सुनीता बोरा, मुन्नी देवी, चंपा देवी, राधा कोरंगा, भावना टम्टा, उर्मिला दानू, सीमा पाण्डे, विमला पाण्डे, देवी दत्त, केदार सिंह कोरंगा, हुकम सिंह कोरंगा, प्रकाश कोश्यारी, सुरेश दानू, प्रेम जोशी, प्रेम सिंह, धन सिंह गड़िया सहित सैकड़ों की भीड़ ने कड़कड़ाती ठंड में धरना प्रदर्शन किया है और चेतावनी भी दी है कि समय रहते मांग पूरी नहीं हुई तो जनता अपने अधिकारों के लिए सड़क से लेकर संसद तक मार्च करना जानती है !

क्योंकि बिंदुखत्ता एक विधायक बनाकर भेजने की क्षमता रखता है! सभी दलों संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा वह बिंदुखत्ता के लिए झंडे डंडे तक त्यागने को तैयार हैं क्योंकि सबसे पहले बिंदुखत्ता वासी हैं।

ADVERTISEMENTS Ad

लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -

👉 हमारे व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ेसबुक पेज लाइक/फॉलो करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

👉 न्यूज अपडेट पाने के लिए 8218146590, 9758935377 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें