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मिशन २०२७ : लालकुआं विधानसभा क्षेत्र: मचेगा घमासान! क्यों प्रोटोकॉल की उड़ रही धज्जियां! पढ़ें : स्थानीय विधायक डॉक्टर मोहन बिष्ट के साथ क्या हो रहा खेला…

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लालकुआं। इस चर्चित विधानसभा सीट में आने वाले 2027 के चुनाव को लेकर अभी से विभिन्न नेता तैयारी में जुट गए हैं! सबसे पहले बात करते हैं भारतीय जनता पार्टी की!

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इस रूलिंग पार्टी से टिकट की चाह में अब तक वर्तमान विधायक डॉक्टर मोहन बिष्ट, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के भतीजे दीपेंद्र सिंह कोश्यारी, पूर्व नॉट आउट विधायक नवीन दुम्का, कमलेश चंदोला, चंद्रशेखर पाण्डेय, प्रदीप बिष्ट, मोहित नाथ गोस्वामी सहित कई नेता दौड़ लगा रहे हैं!

कांग्रेस से पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल के पुत्र हेमवती नंदन दुर्गापाल, हरेंद्र बोरा, संध्या डालाकोटी, राजेंद्र सिंह खनवाल, कुंदन सिंह मेहता पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बेटे का भी नाम अंदरखाने चल रहा है!

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अभी से संभावित प्रत्याशी धरातल पर मेहनत करने लगे हैं! कैसे विधायक बना जाए इसकी रिहर्सल शुरू हो गई है! नए नए अंदाज में नेता जनता को अपने पक्ष में करने के फार्मूले आजमा रहे हैं लेकिन बार बार धोखा खाने वाले को विश्वास कितना होगा ये समझा जा सकता है!

उत्तराखंड की चर्चित विधानसभा सीट लालकुआं फिर से एक बार चर्चा में आने लगी है! स्थानीय विधायक डॉक्टर मोहन बिष्ट की अनुपस्थिति में भाजपा के संभावित प्रत्याशी दीपेंद्र सिंह कोश्यारी प्रभारी मंत्री रेखा आर्या का बिंदुखत्ता में दौरा करवाते हैं और विधायक बड़ी देर बाद मंत्री के काफिले तक पहुंच रहे होते हैं!

विधायक को पता ही नहीं कि इंद्रा नगर में मंत्री दौरा कर चली जाती हैं! आपदा के बाद जहां विधायक नहीं गए वहां जिला प्रभारी मंत्री रेखा आर्या दौरा करके चली जाती हैं और लोगों के आक्रोश को थामने का काम कर जाती हैं और साथ में भाजपा के संभावित प्रत्याशी वर्तमान विधायक डॉक्टर मोहन बिष्ट गायब!

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रावत नगर में राणा आवास पर विधायक डॉक्टर मोहन बिष्ट ने मंत्री के काफिले को पकड़ पाया और अपनी बात मंत्री के सामने रखी! मतलब विधायक की गैर मौजूदगी में मंत्री का दौरा होना कुछ तो सवाल लोगों में खड़े करेगा! जीते हुए जन प्रतिनिधि का अपमान इसे कहा जाए! लोकतंत्र का मजाज इसे कहा जाए तो क्या गलत होगा ?

अपने कार्यकाल को पूरा करने तक हर सांसद और विधायक अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाला निर्वाचित जन प्रतिनिधि होता है! लोकतंत्र की बात जब करते हैं तो विधायक के पद का अपमान भी निंदनीय है! इसका संदेश अच्छा नहीं गया! लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में मंत्री का दौरा कई सवाल खड़े कर गया है।

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