Durgami Nayan

Latest Uttarakhand News in Hindi

ADVERTISEMENTS Ad

ब्रेकिंग न्यूज: *होली को सादगी से मनाएं हुड़दंग से रहें दूर*! पढ़ें : *होली में क्या न करें*…

Ad
खबर शेयर करें 👉
Oplus_131072

आज होली का रंग पड़ रहा है और होली प्रारंभ हो रही है होली रंगों और उल्लास का पर्व है, लेकिन बीते कुछ वर्षों में यह खुशी कई बार लापरवाही और असंवेदनशील व्यवहार के कारण भय में बदल जाती है।

ADVERTISEMENTS

रंग खेलने के नाम पर कुछ लोग सीमाएं लांघ देते हैं। खासतौर पर महिलाओं के साथ जबरन, गलत तरीके से रंग लगाना न केवल अपमानजनक है, बल्कि खतरनाक भी है।

आज बाजार में मिलने वाले कई रंग केमिकल से बने होते हैं। इनमें मौजूद हानिकारक तत्व त्वचा को जलन, एलर्जी और दाग दे सकते हैं। सबसे बड़ा खतरा आंखों और बालों को होता है।

यह भी पढ़ें 👉  ब्रेकिंग न्यूज: #रुद्रपुर में मचा घमासान#! चुनाव आयोग ने दी पंतनगर में तहरीर#! पढ़ें~ किसके खिलाफ हो सकती है तहरीर...

आंखों में रंग चला जाए तो जलन, सूजन और गंभीर स्थिति में दृष्टि को नुकसान तक हो सकता है। बालों पर इन रंगों का असर लंबे समय तक रहता है।

बालों का झड़ना, रूखापन और स्कैल्प की समस्याएं आम हैं। खतरे की गंभीरता को गाजियाबाद की मनीषा शुक्ला की घटना से समझा जा सकता है। पिछली होली पर रंग खेलते समय उन पर इस तरह रंग लगाया गया कि वह आंखों में चला गया।

इसके बाद उनकी आंखों की रोशनी चली गई। ऑपरेशन के बाद भी उनकी दृष्टि पूरी तरह लौट नहीं पाई। यह एक दर्दनाक उदाहरण है कि थोड़ी सी लापरवाही किसी की जिंदगी हमेशा के लिए बदल सकती है।

होली पर उत्साह जरूरी है, लेकिन सुरक्षा उससे भी ज्यादा जरूरी है। किसी पर जबरन रंग न लगाएं। चेहरे, खासकर आंखों के पास रंग लगाने से बचें। केमिकल वाले पक्के रंगों का उपयोग न करें,जहां संभव हो, प्राकृतिक या हर्बल रंग चुनें।

यह भी पढ़ें 👉  ब्रेकिंग न्यूज: *संघर्ष हमारा राजस्व गांव हमारा*! नारे के तहत पदयात्रा जारी! पढ़ें बिंदुखत्ता अपडेट...vdo

रंग खेलने से पहले त्वचा और बालों पर तेल या मॉइस्चराइज़र लगाएं ताकि रंग का असर कम हो। आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा उपयोगी हो सकता है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ विशेष सावधानी बरतें।

होली का अर्थ शरारत नहीं, सम्मान और आनंद है। कानून और प्रशासन से भी अपेक्षा है कि वे खतरनाक रंगों की बिक्री पर सख्ती करें और जागरूकता बढ़ाएं।आइए, इस होली पर संकल्प लें कि हम सिर्फ खुशी बांटेंगे, किसी की सुरक्षा और सम्मान से खिलवाड़ नहीं करेंगे। तभी होली सचमुच रंगों का, रिश्तों का और जिम्मेदारी का पर्व बनेगी। सहयोग: विनायक फीचर्स

ADVERTISEMENTS Ad Ad

लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -

👉 हमारे व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ेसबुक पेज लाइक/फॉलो करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

👉 न्यूज अपडेट पाने के लिए 8218146590, 9758935377 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें