

उत्तराखंड कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी श्री रामलीला मैदान में आज श्रीराम जन्मोत्सव, दशरथ दरबार तथा ताड़का-सुबाहू वध की लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया जिसमें भारी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
व्यास मंच से पुष्कर दत्त शास्त्री जी ने श्रीराम के अवतरण का सारगर्भित वर्णन करते हुए बताया कि कैसे प्रभु श्रीराम, दीनदयालु रूप में कौसल्या जी के गर्भ से प्रकट हुए, जिनकी छवि मुनियों को हर्षित करने वाली और नेत्रों को आनंदित करने वाली थी।

लीला के मंचन में रामजन्म की अलौकिक झांकी, गुरु वशिष्ठ द्वारा नामकरण संस्कार, तथा ताड़का-सुबाहू वध के प्रसंग दर्शकों को भावविभोर कर गए।
अमित जोशी और दिनेश गुप्ता के निर्देशन में ताड़का गुफा और दशरथ दरबार का भव्य प्लॉट तैयार किया गया। रामजन्म के उपलक्ष्य में किन्नरों द्वारा मंगल गीत गाए गए, आतिशबाजी हुई और ताड़का-सुबाहू के पुतलों का दहन हुआ।

माता सीता के लिए प्राचीन शिव सेवा समिति द्वारा मिष्ठान, मेहंदी आदि की व्यवस्था की गई, वहीं जनकपुरी में कन्या पक्ष द्वारा पारंपरिक स्वागत किया गया। व्यास पूजन का सौभाग्य सौरभ अग्रवाल, मंजू वार्ष्णेय, जलज, तुषार सोनकर व प्रिंस गुप्ता को प्राप्त हुआ।
लीला मंचन में कुणाल पांडे (श्रीराम), मेहुल जोशी (लक्ष्मण), स्पर्श अग्रवाल (भरत), रुद्र बिष्ट (शत्रुघ्न) और सुशील शर्मा (दशरथ) ने सशक्त अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया। मेकअप की ज़िम्मेदारी बिट्टू भाई, गोस्वामी जी व गट्टू भाई ने निभाई, जबकि फोटोग्राफी शेखर गर्ग द्वारा की गई।
संचालन समिति की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान, विवेक कश्यप, तरंग अग्रवाल, विनीत अग्रवाल, राजेन्द्र मुन्ना व पंकज कपूर ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन भवानी शंकर नीरज एवं अतुल अग्रवाल ने किया। कुमाऊं के प्रवेश द्वार में श्री रामलीला प्रारंभ हो गई है।
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