Durgami Nayan

Latest Uttarakhand News in Hindi

ADVERTISEMENTS Ad

ब्रेकिंग न्यूज़: *एक साल में 85 %से अधिक प्रकरणों का निपटारा*! पढ़ें~ नैनीताल डीएम रिर्पोट…

Ad
खबर शेयर करें 👉

नैनीताल। जनपद नैनीताल में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के कार्यकाल के दौरान राजस्व मामलों के निस्तारण, अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई, न्यायालयों में लंबित वादों के निपटारे और विरासत दर्ज कराने की प्रक्रिया को लेकर जारी आंकड़े प्रशासनिक गतिविधियों की तस्वीर प्रस्तुत करते हैं।

ADVERTISEMENTS Ad

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक जिले में विभिन्न न्यायालयों में कुल 37,383 वाद विचाराधीन रहे, जिनमें से 31,979 वादों का निस्तारण किया गया। इस अवधि में वादों के निस्तारण की दर 85.54 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि 5,404 वाद शेष रहे।

*राजस्व प्रवर्तन के 5,611 मामलों का निस्तारण*

जनपद में 14 अक्टूबर 2025 से 13 अक्टूबर 2026 तक राजस्व प्रवर्तन समिति के अंतर्गत कुल 5,745 प्रकरण दर्ज हुए। इनमें पिछले सप्ताह से लंबित 5,603 प्रकरण तथा इस सप्ताह प्राप्त 142 नए प्रकरण शामिल हैं।

इनमें से 5,611 प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि 134 प्रकरण शेष हैं। इस प्रकार कुल दर्ज मामलों में से लगभग 97.67 प्रतिशत प्रकरणों का निस्तारण किया गया।

राजस्व प्रवर्तन से संबंधित मामलों में मार्गों पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण के 857 प्रकरणों में से 856 का निस्तारण किया गया। इस श्रेणी में केवल एक मामला शेष है।

सिंचाई गूलों पर अतिक्रमण के 83 मामलों में से 78 का निस्तारण हुआ, जबकि पांच मामले लंबित हैं।मार्ग निर्माण में बाधा से जुड़े 71 प्रकरणों में से 70 का निस्तारण किया गया। वहीं, सार्वजनिक रास्तों और नहरों में अतिक्रमण के सभी 100 मामलों का निस्तारण दर्ज किया गया है।

ये आंकड़े सार्वजनिक मार्गों, सिंचाई व्यवस्था और सरकारी भूमि से जुड़े विवादों के समाधान के लिए की गई प्रशासनिक कार्रवाई को दर्शाते हैं।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड विधानसभा का मानसून/तृतीय सत्र: 27 अक्टूबर से गैरसैंण के भराड़ीसैंण में होगा आगाज, राज्यपाल ने दी मंजूरी

*पैमाइश और मेड़ विवाद के मामलों पर भी कार्रवाई*

राजस्व प्रवर्तन के आंकड़ों में भूमि पैमाइश से संबंधित मामले सबसे अधिक रहे।

पैमाइश के कुल 2,491 प्रकरणों में से 2,398 का निस्तारण किया गया, जबकि 93 मामले शेष हैं। मेड़ विवाद एवं खेतों की सीमाओं से संबंधित 957 प्रकरणों में से 945 का निस्तारण हुआ और 12 मामले लंबित रहे।इसके अतिरिक्त कुर्री नक्शों से संबंधित 131 प्रकरणों में से 117 का निस्तारण किया गया। नाम संशोधन के 290 मामलों में से 284 का निपटारा हुआ, जबकि छह मामले शेष हैं।

अन्य श्रेणी के 765 प्रकरणों में से 763 का निस्तारण किया गया है।इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि भूमि की पैमाइश, सीमांकन, नाम संशोधन और अतिक्रमण जैसे आम नागरिकों से सीधे जुड़े राजस्व मामलों के निस्तारण पर प्रशासन का कामकाज केंद्रित रहा।

*न्यायालयों में 85.54 प्रतिशत वादों का निस्तारण*

जिले में 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक विभिन्न न्यायालयों में कुल 37,383 वाद विचाराधीन रहे। इनमें से 31,979 वादों का निस्तारण किया गया और 5,404 वाद शेष रहे। इस अवधि में निस्तारण की दर 85.54 प्रतिशत रही।

वहीं, न्यायालय कलेक्टर/जिला मजिस्ट्रेट, नैनीताल में राजस्व वर्ष के दौरान दर्ज आंकड़ों के अनुसार कुल 472 वादों में से 364 का निस्तारण किया गया।

इस श्रेणी में निस्तारण की दर 77.11 प्रतिशत रही और 108 वाद शेष रहे।इन वादों में विभिन्न अधिनियमों के अंतर्गत दर्ज मामले शामिल हैं।

उपलब्ध विवरण में 167, जेडए एवं एलआर अधिनियम, गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट, उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और अन्य संबंधित अधिनियमों के वादों का विवरण दिया गया है।

*चौपालों के माध्यम से विरासत दर्ज कराने पर जोर*

ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि संबंधी अभिलेखों को अद्यतन करने और मृतक खातेदारों के उत्तराधिकारियों के नाम दर्ज कराने के लिए चौपाल लगाकर विरासत दर्ज करने की प्रक्रिया भी आंकड़ों में प्रमुखता से सामने आई है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड के नए राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन 19 अक्टूबर को ले सकते हैं शपथ, शासन स्तर पर तैयारियां तेज

14 अक्टूबर 2025 से 13 अक्टूबर 2026 तक तहसीलवार उपलब्ध विवरण के अनुसार, मृतक खातेदारों की विरासत दर्ज करने के लिए 9,783 प्रकरण दर्ज किए गए।

वहीं, खातों में विरासत दर्ज कराने से संबंधित कुल 18,906 खाते दर्ज किए गए और 34,897 वारिसों एवं लाभार्थियों के नाम विरासत में दर्ज किए जाने का विवरण प्रस्तुत किया गया है।

तहसीलवार आंकड़ों में नैनीताल, हल्द्वानी, रामनगर, कालाढूंगी, लालकुआं, धारी, खनस्यूं, श्री कैंचीधाम और बेतालघाट शामिल हैं। इनमें हल्द्वानी, नैनीताल और धारी सहित कई तहसीलों में बड़ी संख्या में विरासत संबंधी प्रविष्टियां दर्ज की गई हैं।

विरासत दर्ज होने से संबंधित राजस्व अभिलेखों में उत्तराधिकारियों के नाम दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। इससे भूमि अभिलेखों को अद्यतन रखने और नागरिकों को राजस्व संबंधी प्रक्रियाओं में सुविधा मिलने की संभावना रहती है।

*धरातल और आंकड़ों में प्रशासनिक कार्यों की तस्वीर*

उपलब्ध विभागीय आंकड़े बताते हैं कि संबंधित अवधि में नैनीताल जिला प्रशासन के सामने राजस्व वादों के निस्तारण, भूमि पैमाइश, सीमांकन विवाद, अतिक्रमण, सार्वजनिक मार्गों से जुड़ी शिकायतों और विरासत दर्ज कराने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य रहे।

विभिन्न श्रेणियों में हजारों प्रकरणों का निस्तारण किया गया, हालांकि पैमाइश, विरासत और अन्य राजस्व मामलों में कुछ प्रकरण अब भी लंबित हैं।जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के एक वर्ष के कार्यकाल से संबंधित इन आंकड़ों के आधार पर राजस्व एवं न्यायिक कार्यों में हुई प्रगति का आकलन किया जा सकता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण और नागरिकों की शिकायतों का प्रभावी समाधान प्रशासन के लिए आगे भी महत्वपूर्ण रहेगा।

ADVERTISEMENTS Ad Ad

लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -

👉 हमारे व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ेसबुक पेज लाइक/फॉलो करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

👉 न्यूज अपडेट पाने के लिए 8218146590, 9758935377 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें