
बिंदुखत्ता। आजकल गांव में खेती बाड़ी का काम युद्व स्तर पर चल रहा है। कोई धान लगा रहा है तो कोई फावड़ा चला रहा है तो कहीं धान लगाने के लिए बीज उखाड़ा जा रहा है। उत्तराखंड में धान लगाने का सीजन अपने पूर्ण यौवन में है। महिलाओं की टोलियां धान लगाने में जुटी हैं तो पुरुषों के हाथ फावड़ा नजर आता है। पहाड़ की परंपरा चली आ रही है कि पहाड़ में हरेला पर्व तक धान लग जाने चाहिए! अब कुछ कमजोर पड़ रही है परंपरा क्योंकि समय पर बारिश नहीं हो रही है। जलवायु परिवर्तन से किसान पर भयंकर मार पड़ी है।





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