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नानकमत्ता पब्लिक स्कूल को पर्यावरण शिक्षा के लिए मिला विप्रो अर्थियन अवार्ड 2024, पढ़ें : देश के कितने स्कूलों ने किया प्रतिभाग…

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नानकमत्ता

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बेंगलुरु स्थित अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय में आयोजित समारोह में नानकमत्ता पब्लिक स्कूल को पर्यावरण शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रतिष्ठित विप्रो अर्थियन अवार्ड 2024 से सम्मानित किया गया।

यह पुरस्कार स्कूल के संस्था अध्यक्ष चंद्रशेखर अटवाल और पर्यावरण शिक्षा के लिए कार्य करने वाली संस्था नेचर साइंस इनिशिएटिव की रिद्धिमा और मुकेश को अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अनुराग बहर द्वारा प्रदान किया गया।

इस पुरस्कार के लिए स्कूल की पांच छात्राओं—शीतल, नेहा, अदिति, हर्षिता और अंजलि की टीम को उनके दो साल तक किए गए निरंतर प्रयासों के लिए चुना गया।

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उन्होंने मासिक धर्म (पीरियड्स) के दौरान सेनेटरी नैपकिन की जगह मेंस्ट्रुअल कप के उपयोग को बढ़ावा देकर पर्यावरण और स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालने का प्रयास किया। इस पहल में छात्राओं को नेचर साइंस इनिशिएटिव की रिद्धिमा जी ने मार्गदर्शन प्रदान किया।

शुरुआत में इस बदलाव के लिए लोगों को जागरूक करना कठिन था और लगभग आठ महीने का समय लगा, लेकिन धीरे-धीरे छात्राओं ने स्कूल और अन्य स्थानों पर खुलकर इस विषय पर चर्चा की।

उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप कई लोगों ने मेंस्ट्रुअल कप को अपनाया।देशभर के 1200 स्कूलों में से केवल 20 स्कूलों का चयन इस पुरस्कार के लिए किया गया, जिनमें नानकमत्ता पब्लिक स्कूल भी शामिल है।

हालांकि, बोर्ड परीक्षाओं के कारण छात्राएं पुरस्कार ग्रहण करने बेंगलुरु नहीं जा सकीं।गौरतलब है कि यह दूसरी बार है जब नानकमत्ता पब्लिक स्कूल को यह सम्मान मिला है।

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वर्ष 2023 में भी स्कूल को दीपावली मेले के दौरान उत्पन्न होने वाले कचरे (वेस्ट) के व्यापक अध्ययन और उसके प्रभावी प्रबंधन के लिए विप्रो अर्थियन अवार्ड से सम्मानित किया गया था।

विप्रो अर्थियन कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूलों और कॉलेजों में पर्यावरणीय स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) के प्रति जागरूकता और व्यवहारगत बदलाव को बढ़ावा देना है।

फोटो परिचय:बेंगलुरु में आयोजित विप्रो अर्थियन अवार्ड समारोह में नानकमत्ता पब्लिक स्कूल के संस्था अध्यक्ष चंद्रशेखर अटवाल (दाएं से दूसरे) को सम्मानित करते अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के सीईओ अनुराग बहर (बीच में)। साथ में नेचर साइंस इनिशिएटिव के मुकेश और रिद्धिमा।

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