

नैनीताल।(प्रधान संपादक: जीवन जोशी)भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 एक ऐतिहासिक मोड़ था, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल की घोषणा की थी और पूरे देश में आपात काल के चलते लोकतांत्रिक ताकतों पर दमनचक्र चला था!
इस आपात काल की याद में हर साल 25 जून को काला दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज ही के दिन इस देश में 1975 को इमरजेंसी लागू की गई थी जिससे आर्यन लेडी इंद्रा गांधी को बहुत नुकसान उठाना पड़ा था!
पूरे देश में इसका लोकतांत्रिक ताकतों ने विरोध किया था जिसके चलते कांग्रेस से लोग नाराज भी हो गए थे। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने इस इमरजेंसी में भी हार नहीं मानी और जेलों में बंद होकर भी कार्यकर्ताओं ने इमरजेंसी लागू किए जाने का विरोध किया था।
बताया जाता है तब आर एस एस नेता देवरस ने इंद्रा गांधी को आर एस एस की कमान तक सौंपने का फैसला लिया था कि आर एस एस इस देश का सबसे बड़ा संगठन हैं जो निस्वार्थ भाव से काम करता है इसलिए इस संगठन का उपयोग देश हिट में किया जाना चाहिए! देवरस ने स्वयं मिलने की तक इंद्रा गांधी से इच्छा जताई थी लेकिन सत्ता का अहंकार किसी का भी हो सदा नहीं रहा है।
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