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नहीं बन रहे इस साल भी नदी किनारे तटबंध! फिर पैसा ठिकाने लगाने की बन रही योजना! पढ़ें जनता क्या कहती है…

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लालकुआं/बिंदुखत्ता। तो इस बार भी गौला नदी कोहराम मचाएगी और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की उपजाऊ भूमि निगल जायेगी हर साल की तरह ? गोला नदी में तटबंध की जगह गीला खोदकर नहर बनेगी पहले की तरह! फिर पैसा डकारने की तैयारी शुरू होने लगी है।

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आज कई अधिकारियों ने नदी का दौरा किया और तटबंध की जगह फिर से चैनल खोदने के आदेश दिए हैं जो जनता के साथ बड़ा धोखा बताया जा रहा है।

पूर्व विधायक प्रत्याशी सूबेदार कुंदन सिंह मेहता ने बताया कि जनता हर बार अपनी जमीन, मकान नदी में बहते देख उम्मीद लगा रही थी कि इस बार मजबूत तटबंध बनाए जायेंगे लेकिन जनता की फिर से बहाने का षडयंत्र रचा जा रहा है और फिर पैसा ठिकाने लगाने के लिए चैनल खोदने की बात की जा रही है जो जनता के साथ बड़ा धोखा है।

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उन्होंने बताया आज एसडीएम और तहसीलदार, वन विभाग ने नदी में आकर चैनल खोदने की बात की है जो जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा हर साल करोड़ों रुपया सरकार का चैनल खोदने के नाम पर मिलजुल कर डकारा जाता रहा है और हर साल चैनल नदी में समा जाता है और जनता हर साल अपनी जमीन, मकान नदी में चढ़ाती आ रही है।

उन्होंने कहा दिखावा करने के नाम पर सरकार के करोड़ों रुपए डकारे जाते हैं और फिर कह दिया जाता है कि चैनल बह गया।

उन्होंने सीएम पुष्कर धामी सरकार से मांग की है कि नदी किनारे मजबूत तटबंध बनाए जाएं और चैनल खोदने पर रोक लगाई जाए क्योंकि चैनल खोदने के नाम पर हर साल सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाया जाता रहा है।

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इधर ग्रामीण कहते हैं कि जितने पैसे हर साल चैनल खोदने पर खर्च किए जाते हैं उतने से मजबूत तटबंध बन जाते लेकिन पैसा ठिकाने लगाने के लिए चैनल खोदने की योजना हर साल लाई जाती है जो सरकार के खजाने की खुली लूट है।

लोगों ने भी सरकार से मांग की है कि अब तक चैनल खोदने पर हर साल जितने पैसे खर्च किए गए उसकी ईमानदारी से जांच ही तो पता चल जायेगा कि कितना रुपया सरकार का डकारा जाता है हर साल।

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