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ब्रेकिंग न्यूज : *जन भावना के खिलाफ चुनाव प्रचार में जुटे नेताओं के वन अधिकार संगठन ने कसे पेच*! पढ़ें~और कितने नेताओं पर लगाए गए आरोप…

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लालकुआं। वन अधिकार संगठन, पूर्व सैनिक संगठन, राज्य आंदोलनकारी संगठन एवं गौला संघर्ष समिति सहित विभिन्न संगठनों द्वारा 15 अगस्त से संयुक्त रूप से चलाई जा रही बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम पदयात्रा में आज बुधवार को भी ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की।

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सार्वजनिक अवकाश के कारण बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी शामिल हुए और बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम के समर्थन में जोरदार नारे लगाए और 27 सितंबर को लालकुआं तहसील में प्रस्तावित रैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया गया।

आज की यात्रा संजयनगर-2 स्थित जगदंबा मंदिर में समाप्त हुई, जहां रात्रि में कीर्तन-भजन एवं नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम होंगे। पदयात्रा कल रावतनगर की ओर रवाना होगी।

इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि यह एफ.आर.ए. वन क्षेत्रों में पीढ़ियों से रह रहे समुदायों के साथ हुए ऐतिहासिक अन्याय के निवारण के लिए बनाया गया है, जिसमें न तो केंद्र सरकार की अनुमति आवश्यक है और न ही 75 वर्षों से एक ही स्थान पर निवास करना अनिवार्य है। सरकार द्वारा प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अधिसूचना जारी नहीं की जा रही है।

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राजनीतिक दलों पर ठोस पहल नहीं करने का आरोप

वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश भट्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश दुर्गापाल, सांसद अजय भट्ट तथा नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य पर बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम के लिए ठोस पहल नहीं करने और वर्तमान प्रक्रिया में वन अधिकार संगठन का सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेता दावे में कमी होने की बात कह रहे हैं।

यदि कोई कमी है तो उसे लिखित अभिलेखों के साथ सार्वजनिक कर दूर करने के लिए सरकार और संबंधित नेताओं को प्रयास करना चाहिए। सरकार इच्छाशक्ति दिखाए तो रामनगर और हरिद्वार की तर्ज पर बिंदुखत्ता की अधिसूचना भी शीघ्र जारी हो सकती है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा में बिंदुखत्ता का मुद्दा उठाने के लिए नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का संगठन आभार व्यक्त करता है, लेकिन यह कहना कि राजस्व ग्राम बनाना केवल मुख्यमंत्री के अधिकार में है, जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ना है। विपक्ष को भी सरकार पर लगातार दबाव बनाना चाहिए।

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वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश भट्ट ने कहा कि पूर्व विधायक नवीन दुम्का, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के भतीजे दीपेंद्र कोश्यारी, हरेंद्र बोरा, नंदन दुर्गापाल आदि बिंदुखत्ता में नुक्कड़ सभाएं कर चुनाव की तैयारियों में लगे हैं, लेकिन राजस्व ग्राम के मुद्दे पर जनता को कोई ठोस ज़बाब नहीं दे पा रहे हैं और वनाधिकार कानून के तहत संघर्ष कर रही समिति का साथ भी नहीं दे रहे हैं जो जन भावना और जन आंदोलन की घोर उपेक्षा को जग जाहिर कर रहा है

उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग हमेशा की तरह राजस्व ग्राम पर जनता को वही पुराना शिगूफा छोड़ कर कि जनता जैसे चाहेगी हम वैसे ही बनाएंगे कहकर फिर से गुमराह कर रहे हैं। संगठन ने जनता से अपील की है कि वह इस बार चुनाव बाज नेताओं को सबक सिखाने के लिए तैयार रहें।

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