
बिंदुखत्ता। आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि अधिकारी वर्ग बिंदुखत्ता को वनाधिकार कानून के तहत अधिकार देने को तैयार हुए। आजादी के बाद से बिंदुखत्ता की जनता अपने अधिकार के लिए लड़ती आ रही है लेकिन आज तक बिंदुखत्ता को किसी ने राजस्व गांव बनाए जाने के लिए मजबूत पहल शुरु नहीं की।
पहलीबार विधायक डा मोहन बिष्ट ने बिंदुखत्ता में वनाधिकार कानून व्यवस्था लागू करने और बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाए जाने के लिए मजबूत पैरवी की है।
विगत दिनों संपन्न बैठक में जिला प्रशासन ने माना कि बिंदुखत्ता राजस्व गांव बन सकता है। नियम के अनुसार बिंदुखत्ता की जनता को मालिकाना हक मिलेगा ये बात बैठक में आए अधिकारियों ने बताई।
विधायक डा मोहन बिष्ट ने बताया बिंदुखत्ता के साथ ही लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में जो गांव राजस्व से वंचित हैं उनको वनाधिकार कानून व्यवस्था के तहत राजस्व गांव सरकार बनाएगी।
लोगों में उम्मीद जगने लगी है कि अब जल्द बिंदुखत्ता राजस्व गांव बन जायेगा लेकिन कुछ लोग इसे लोकसभा चुनावों से पहले लोगों को उम्मीद दिलाने जैसी बात भी कर रहे हैं।
विधायक डा मोहन बिष्ट कहते हैं वह जनता की मांग पूरी करने के लिए मजबूत पहल कर रहे हैं जिसका परिणाम जल्द दिखाई देगा। उन्होंने कहा वह धरातल पर काम करने पर विश्वास करते हैं इसलिए जनता को किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं हैं। उन्होंने कहा पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम पुष्कर धामी के नेतृत्व में हर बड़ी समस्या का नियम के अनुसार समाधान होगा।















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