

मुख्य बातें (Highlights)
कार्रवाई: देहरादून की थाना राजपुर पुलिस ने 12-13 अक्टूबर की मध्यरात्रि तरला नागल रोड (आर्चिड पार्क) स्थित एक फ्लैट में छापा मारकर फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया।
गिरफ्तार आरोपी: पुलिस ने मुख्य सरगना आशीष नागर समेत 5 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से चार मेरठ और एक सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है।
बरामदगी: मौके से 14 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, 1 आईपैड, 5 चार्जर और i-20, वरना व थार जैसी 3 लग्जरी कारें जब्त की गई हैं।
ठगी का नायाब तरीका
एंटीवायरस का झांसा: आरोपी गूगल वॉइस ऐप के जरिए अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को अंग्रेजी नामों से कॉल करते थे। वे सिस्टम में खराबी बताकर एंटीवायरस ऐप इंस्टॉल करने के नाम पर 100 डॉलर का गिफ्ट कार्ड मंगवाते थे।
ऐसे होता था फ्रॉड: एंटीवायरस देने के बजाय वे गिफ्ट कार्ड के नंबर और फोटो हासिल कर लेते थे, और बाद में इन गिफ्ट कार्ड्स को कम दामों पर बेचकर अवैध रकम बटोरते थे। पुलिस के मुताबिक, इनके पास विदेशियों के करीब 5,000 मोबाइल नंबरों का डेटा था।
मास्टरमाइंड का क्रिमिनल बैकग्राउंड
मुख्य आरोपी आशीष नागर पहले नोएडा के एक फर्जी कॉल सेंटर में काम कर चुका था। वहां से ट्रेनिंग लेने के बाद वह करीब तीन महीने पहले देहरादून आया और राजपुर क्षेत्र में नया ठिकाना बनाकर इस अवैध नेटवर्क को संचालित कर रहा था। पुलिस पकड़ से बचने के लिए आरोपी अक्सर अपनी लोकेशन बदल देते थे।
फिलहाल, पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से वित्तीय लेन-देन की गहन जांच शुरू कर दी है।
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